Hamjaad Ke Liye Amal

humjad

Amal Ki Teyari

Four ways to do the bus in Hamjad are explained
Stand out in the sun during the day and implement it.
Applying grazing at night.
Standing in front of the mirror and implementing the day or night. Acting in the darkness only.
Only execution in the dark at night.
Amal can also be done in the room and in the open field but the room which should be away from the population should be away from the population.
It should be arranged that during the execution, no man can come in. He can stop the temptation. The room in which the work is to be done should be whitewash and no matter inside the room.
If you want to do the work in the house, then the sehni is so big that the sun comes very much and it lasts for a long time, there is neither any thing in the saheeh nor the tree so that its breath can not be obstructed. Stay awake
Even if it is to be implemented in the open ground, it will have to be arranged so that no man can come there during the execution so that he can not take care of Amil
The grape that is burnt is of soil. The juice of the gram will be burnt in it. The same grape remains from the beginning to the end if it breaks then the other lump can be taken

Urdu:-

हमजाद को बस में करने के चार तरीके बताये जाते है
दिन को धूप में खड़े होकर अमल करना .
रात को चराग जलाकर अमल करना .
शीशे के सामने खड़े होकर दिन को या रात को अमल करना .रात को केवल अँधेरे में अमल करना .
रात को केवल अँधेरे में अमल करना .
अमल कमरे के अंदर भी किया जा सकता है और खुले मैदान में भी लेकिन जो कमरा हो वह भी आबादी से दूर होना चाहिए आबादी से हटकर होना चाहिए
ऐसा इंतजाम किया जाना चाहिए की अमल के दौरान कोई आदमी अंदर न आने पाए .न न आमिल को रोक सके .जिस कमरे में अमल करना हो उसमे सफेदी हो और कोई चीज़ कमरे के अंदर न हो
यदि अमल दिन में मकान के सेहन में करना हो तो सेहन इतना बड़ा हो की धूप काफी आती हो और देर तक रहती हो सेहन में न कोई चीज़ हो न ही पेड़ ताकि उसका साया अमल में बाधा न डाल सके .वहाँ धूप कम से कम दो घंटे रहे
यदिं खुले मैदान में अमल करना हो तब भी ऐसा इंतजाम करना होगा की अमल के दौरान कोई आदमी वहाँ न आ सके ताकि आमिल का ध्यान न बटसके
जो चराग जलाया जाये वह मिटटी का हो .सरसों का तेल उसमे जलाया जायेगा .एक ही चराग शुरू से अंत तक रहे यदि वह टूट जायेगा तो दूसरा चराग लिया जा सकता है

Hamjad Se Khtra

यदि हमजाद से वायदा करके कोई काम वायदे के खिलाफ करायेगे या उससे नाजायज काम लेंगे तो वह ऐसा नुकसान कर सकता है जिसकी सतिपुर्ति भी न हो .आमिल को ऐसी सभी बातों से बचना चाहिए जो हमजाद के स्वभाव के खिलाफ हो
पहले तो हर मामले में हमजाद की मर्जी मालूम कर लेनी चाहिए यदि वह किसी काम को पसन्द न करे या मना करे तो वह काम नही करना चाहिए .हमजाद हर जायज हुक्म को मान लेने को तैयार रहता है मगर नाजायज हुक्म पर वह गुस्सा भी हो सकता है और नुकसान भी पंहुचा सकता है
कुछ ख़ुफ़िया राज जो केवल हमजाद को मालूम होता है उनको जानने की कोशिश नही करनी चाहिए यदि मजबूर करेगे तो वह हमला करके जान भी ले सकते है आमिल को चाहिए की वह उससे दोस्त की तरह बर्ताव करे .मुहब्बत का सुलूक करे ताकि वह खुद ऐसी बातों से बाख़बर करता रहे जिस की आमिल को सख्त जरूरत होती है उससे वह पेश आने वाली घटनाओ से बाख़बर कर दिया करेगा

 

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